मुलेठी या लिकोरिस कैसे प्राकृतिक रूप से आपकी सेहत और त्वचा को बेहतर बना सकती है?

प्राचीन घरेलू नुस्खों में एक ऐसी समझ छुपी होती है जिसे आज की तेज रफ्तार जिंदगी अक्सर नजरअंदाज कर देती है। मुलेठी ऐसी ही एक जड़ी बूटी है। सदियों से भारतीय घरों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस्तेमाल होने वाली मुलेठी ने अपनी पहचान किसी प्रचार के जरिए नहीं, बल्कि लगातार मिलने वाले फायदों से बनाई है। अपने प्राकृतिक मीठे स्वाद और शांति देने वाले गुणों के कारण मुलेठी को पाचन, इम्युनिटी, त्वचा की देखभाल और शरीर के संतुलन के लिए भरोसेमंद माना जाता है।

आज फिर लोग प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं और यह जानना चाहते हैं कि मुलेठी क्या है और यह रोजमर्रा की सेहत में कैसे मदद कर सकती है। यह ब्लॉग मुलेठी या लिकोरिस के वास्तविक और व्यावहारिक फायदों पर आधारित है, जो पारंपरिक ज्ञान और वर्तमान समझ से जुड़ा हुआ है, बिना किसी बढ़ा चढ़ाकर बताए।

 

मुलेठी क्या है और इसे इतना खास क्यों माना जाता है

 

मुलेठी को अंग्रेजी में लिकोरिस कहा जाता है। यह Glycyrrhiza glabra नामक पौधे की जड़ से प्राप्त होती है। Glycyrrhiza शब्द का अर्थ ही मीठी जड़ होता है, इसलिए इसका स्वाद स्वाभाविक रूप से मीठा होता है। आयुर्वेद में मुलेठी को ठंडक देने वाली, पोषण देने वाली और उपचारक जड़ी बूटी माना गया है।

पारंपरिक रूप से मुलेठी पाउडर का इस्तेमाल काढ़ा, हर्बल ड्रिंक, फेस पैक और औषधीय मिश्रणों में किया जाता रहा है। यह धीरे धीरे असर करती है, इसलिए जो लोग संतुलित और प्राकृतिक तरीकों से सेहत सुधारना चाहते हैं, उनके लिए यह उपयुक्त मानी जाती है।

यह समझना जरूरी है कि मुलेठी कोई तुरंत असर दिखाने वाली जड़ी बूटी नहीं है। इसका असली लाभ नियमित और सीमित मात्रा में इस्तेमाल से मिलता है।

 

1. पाचन स्वास्थ्य में सुधार और एसिडिटी से राहत

 

मुलेठी के फायदों में सबसे भरोसेमंद लाभ इसका पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव है। जिन लोगों को एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें मुलेठी से राहत मिल सकती है।

 

पाचन से जुड़े फायदे

• पाचन क्रिया को सहज बनाती है
• पेट की सूजन और भारीपन कम करने में मदद करती है
• पेट की अंदरूनी परत की जलन को शांत करती है
• एसिडिटी और सीने में जलन से राहत देती है

 

मुलेठी पाउडर पेट में मौजूद सुरक्षा परत को मजबूत करता है, जिससे अतिरिक्त एसिड से पेट सुरक्षित रहता है। तेज दवाओं की तरह यह शरीर पर दबाव नहीं डालती, बल्कि प्राकृतिक रूप से संतुलन बनाती है। मुलेठी खाने के फायदे में पाचन सुधार सबसे पहले नजर आता है।

 

2. सांस संबंधी स्वास्थ्य और गले की देखभाल

 

खांसी, जुकाम और गले की समस्याओं में मुलेठी का इस्तेमाल घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसका शांत करने वाला प्रभाव मौसम बदलने के समय खास तौर पर फायदेमंद होता है।

सांस से जुड़े फायदे

• गले की खराश और जलन को शांत करता है
• सांस लेने में आसानी करता है
• छाती में जमा कफ को ढीला करता है
• गले की सूजन और बैठी आवाज में राहत देता है

 

गुनगुने पानी में मुलेठी पाउडर मिलाकर पीना एक आम घरेलू उपाय है। इसकी मिठास गले पर परत बनाकर राहत देती है और सूजन कम करती है। इसी वजह से मुलेठी या लिकोरिस कई हर्बल कफ सिरप में इस्तेमाल होती है।

 

3. इम्युनिटी बढ़ाने और संक्रमण से बचाव में मदद

 

इम्युनिटी सिर्फ बीमार न होने का नाम नहीं है, बल्कि शरीर की बीमारी से लड़ने और उबरने की क्षमता भी है। मुलेठी शरीर के अंदर संतुलन बनाकर इम्युनिटी को सहारा देती है।

 

इम्युनिटी से जुड़े फायदे

• शरीर की अंदरूनी सूजन कम करती है
• हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है
• एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है
• मौसमी बीमारियों से उबरने में सहायक

 

आयुर्वेद में मुलेठी को तुलसी और अदरक के साथ मिलाकर इम्युनिटी के लिए उपयोग किया जाता है। यह शरीर को बिना ज्यादा उत्तेजित किए प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है। जो लोग बार बार बीमार पड़ते हैं, उनके लिए यह उपयोगी हो सकती है।

4. तनाव कम करने और हार्मोन संतुलन में सहायक

 

मुलेठी का एक कम चर्चित लेकिन महत्वपूर्ण फायदा तनाव और हार्मोन संतुलन से जुड़ा है। यह एड्रिनल ग्लैंड को सपोर्ट करती है, जो तनाव को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है।

 

तनाव और हार्मोन से जुड़े फायदे

• ऊर्जा स्तर को संतुलित रखने में मदद
• मानसिक शांति को बढ़ावा
• तनाव से जुड़ी थकान कम करने में सहायक
• हार्मोनल असंतुलन में सहयोग

 

लगातार तनाव नींद, पाचन और त्वचा को प्रभावित करता है। ऐसे समय में मुलेठी या लिकोरिस शरीर को धीरे धीरे सहारा देती है। इसी कारण मुलेठी खाने के फायदे में बेहतर ऊर्जा और भावनात्मक संतुलन शामिल होता है।

 

5. अंदर और बाहर से त्वचा को बेहतर बनाती है

 

त्वचा शरीर के अंदर की स्थिति को दर्शाती है। मुलेठी पाउडर का इस्तेमाल त्वचा के लिए अंदरूनी और बाहरी दोनों तरीकों से किया जाता रहा है।

 

त्वचा से जुड़े फायदे

• त्वचा की मरम्मत में मदद
• पिगमेंटेशन कम करने में सहायक
• त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है
• मुंहासों और सूजन को कम करती है

 

मुलेठी पाउडर को गुलाब जल या दूध में मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जाता है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को शांत करते हैं। मुलेठी के फायदे त्वचा के लिए सिर्फ बाहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शरीर को अंदर से साफ करके भी असर दिखाते हैं।

 

6. लिवर स्वास्थ्य और प्राकृतिक डिटॉक्स में सहायक

 

लिवर शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और मेटाबॉलिज्म बनाए रखने का काम करता है। मुलेठी इस प्रक्रिया को बिना बोझ डाले सपोर्ट करती है।

 

लिवर से जुड़े फायदे

• मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद
• लिवर की कार्यक्षमता को सपोर्ट
• प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को बढ़ावा
• लिवर कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में सहायक

 

लिकोरिस में मौजूद कुछ तत्व लिवर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। जब लिवर स्वस्थ रहता है, तो पाचन, त्वचा और ऊर्जा स्तर सभी बेहतर होते हैं। यही कारण है कि पारंपरिक चिकित्सा में मुलेठी को खास स्थान मिला है।

 

मुलेठी पाउडर का सही उपयोग कैसे करें

 

मुलेठी के फायदे सुरक्षित तरीके से पाने के लिए इसका सही इस्तेमाल जरूरी है।

 

मुलेठी पाउडर के उपयोग के तरीके

• फेस पैक के रूप में बाहरी उपयोग
• गले की परेशानी में हर्बल चाय में मिलाकर
• पाचन के लिए शहद के साथ
• भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ एक चुटकी

 

ध्यान रखने योग्य बातें

• अधिक मात्रा या लंबे समय तक सेवन न करें
• गर्भवती महिलाएं स्वयं सेवन से बचें
• हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग विशेषज्ञ की सलाह लें

 

कम मात्रा में भी मुलेठी असरदार होती है, इसलिए संयम जरूरी है।

 

निष्कर्ष

 

मुलेठी कोई नया चलन नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से भरोसेमंद प्राकृतिक औषधि रही है। पाचन, इम्युनिटी, त्वचा और तनाव प्रबंधन तक इसके फायदे कई स्तरों पर नजर आते हैं।

जब सही समझ और सीमित मात्रा में इस्तेमाल की जाए, तो मुलेठी या लिकोरिस एक दवा नहीं बल्कि शरीर की सहायक बन जाती है। यह याद दिलाती है कि असली सेहत सरल जड़ों और नियमित देखभाल से ही आती है, न कि शॉर्टकट से। विस्तृत जानकारी के लिए MedWiki देखें|

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

 

1. मुलेठी का मुख्य उपयोग क्या है?

मुलेठी का उपयोग पाचन सुधारने, गले को राहत देने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

 

2. क्या मुलेठी पाउडर रोज लिया जा सकता है?

कम मात्रा में कुछ समय तक मुलेठी पाउडर लिया जा सकता है। लंबे समय तक रोजाना सेवन के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूरी होती है।

 

3. क्या चेहरे के लिए मुलेठी पाउडर सुरक्षित है?

हां, जब इसे कभी कभी और त्वचा के प्रकार के अनुसार इस्तेमाल किया जाए तो यह सुरक्षित माना जाता है।

 

4. क्या मुलेठी एसिडिटी में मदद करती है?

हां, मुलेठी पेट की अंदरूनी परत को शांत करती है और एसिडिटी से होने वाली जलन कम करने में मदद करती है।

 

5. क्या त्वचा के लिए मुलेठी के फायदे स्थायी होते हैं?

इसके फायदे नियमित देखभाल, संतुलित आहार और अच्छी अंदरूनी सेहत पर निर्भर करते हैं।

 

6. क्या बच्चे मुलेठी ले सकते हैं?

बच्चों को मुलेठी बहुत कम मात्रा में और सही मार्गदर्शन के साथ दी जा सकती है।

 

7. क्या लिकोरिस और मुलेठी एक ही हैं?

हां, मुलेठी को अंग्रेजी में लिकोरिस कहा जाता है।

अस्वीकरण:

यह जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. अपने उपचार में कोई भी बदलाव करने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श लें। मेडविकी पर आपने जो कुछ भी देखा या पढ़ा है, उसके आधार पर पेशेवर चिकित्सा सलाह को अनदेखा या विलंब न करें।

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श्रीमती प्रियंका केसरवानी

Published At: Jan 19, 2026

Updated At: Jan 19, 2026