Senior citizens यानी वो लोग जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा होती है, उनमें अकेलापन और social isolation काफ़ी ज़्यादा पाया जाता है।Loneliness का मतलब लोगों के भीड़ में होके भी अकेला महसूस करना होता है।Social isolation का मतलब है कि, कोई इंसान जिसको उसके परिवार वालों ने, या जान-पहचान वालों ने अकेला छोड़ दिया हो।American journal के एक review study के मुताबिक, ऐसे लोगों में भूलने की बीमारी का risk 50 गुना बढ़ जाता है, साथ ही heart disease से होने वाली मौत का risk 29% बढ़ जाता और premature death यानी समय से पहले होने वाली मौत का risk भी बढ़ जाता है।Senior citizens में अकेले होने के कारण हैं:बच्चे parents के साथ नहीं रहते या फिर घर से दूर रहते होंअपने partner यानी husband या wife की death हो चुकी होजान-पहचान वाले या दोस्तों की death हो चुकी होकोई बात करने को नहीं होताSociety में ज़्यादा लोगों को जानते नहीं हैंया retirement के बाद घर पे अकेले होऔर रोज़ाना कोई भी ऐसा काम ना करना जिससे आप busy रह सकेंये सारे problems हमारे parents, grand parents यानी senior citizens में अकेलापन या social isolation का कारण होते हैं। और यही अकेलापन और social isolation के कारण parents में depression, anxiety और suicide का rate भी बहुत ज़्यादा है।इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने parents या grand parents से बात करते रहें, उनके साथ time spend करें, उनको किसी काम में busy रखें, या फिर उनके health के लिए उन्हें किसी yoga class में join करवा दें ताकि वो खुद को अकेला महसूस न करें और healthy रह सकें।
चिकनगुनिया: चिकनगुनिया मच्छरों Aedes (Stegomyia) aegypti and Aedes (Stegomyia) albopictus, द्वारा फैलता है। यही मच्छर डेंगू और जीका वायरस भी फैला सकते हैं।चिकनगुनिया के लक्षण: इसके लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 2 से 12 दिनों के भीतर दिखना शुरू होते हैं। इसमें जोड़ों के दर्द के साथ-साथ अचानक बुखार आता है जो कुछ दिनों से लेकर कुछ वर्षों तक बना रह सकता है। जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द, उल्टी आना, थकान और त्वचा पर चकत्ते (rashes) भी कुछ अन्य लक्षण है। कभी-कभी आंख एवं हृदय से संबंधित परेशानियों के मामले भी देखे गए हैं।चिकनगुनिया से बचाव के कुछ तरीके: मच्छरों के काटने से बचना ही सबसे अच्छा बचाव है। जिन भी चीजों में पानी भरा हो उन्हें हर हफ्ते खाली करके साफ किया जाए, कूड़े को सही जगह फेका जाए, समुदाय में किसी भी तालाब या वस्तु में पानी जमा न होने दे क्योंकि रुके हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं एवं पानी से भरी वस्तुओं में उचित कीटनाशक जरूर लगाए। ऐसे कपड़े पहने जो आपके शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढक सके, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घर की जाली की खिड़कियां बंद रखें, खुली त्वचा या कपड़ों पर मच्छर भगाने वाली वस्तुओं (repellants) का उपयोग करें (containing DEET, Icaridin or IR3535)।चिकनगुनिया के उपचार: बुखार एवं जोड़ों के दर्द के लिए anti-pyretics और analgesics दिए जाते हैं, बहुत अधिक मात्रा में पानी या कोई भी तरल पदार्थ पीने से और आराम करने से इसका उपचार हो सकता है। इसके इलाज के लिए कोई antiviral दवा मौजूद नहीं है। जब तक यह पक्का ना हो जाए कि मरीज डेंगू से पीड़ित नहीं है तब तक दर्द से आराम और बुखार को कम करने के लिए Paracetamol or acetaminophen दिया जाता है।Source:-https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/chikungunya
हैजा एक ऐसी बीमारी है जिसमें bacteria (Vibrio cholerae) के पानी या भोजन में होने की वजह से पाचन शक्ति खराब हो जाती है और तीव्र (severe) डायरिया (diarrhoea) हो जाता है। अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो कुछ ही घंटे में मरीज इसकी वजह से मर भी सकता है।हैजा के लक्षण: इसके लक्षण दिखने में लगभग 12 घंटे से लेकर 5 दिन का समय लग सकता है। कुछ मरीजों को एकदम पानी जैसा दस्त हो जाता है।अगर इलाज न किया जाए तो इससे मृत्यु भी हो सकती है।हैजा के उपचार: हैजा का उपचार आसानी से किया जा सकता है। जल्दी से जल्दी मरीज को ORS (oral rehydration solution) पिलाया जाना चाहिए। गंभीर मामलों में कुछ उचित antibiotics के साथ-साथ नसों के माध्यम से तरल पदार्थ दिए जाने चाहिए जो कि दस्त की अवधि को कम करने एवं तरल पदार्थ की आवश्यकता को कम करने में मदद करता है।Source:- 1. https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/cholera
हो सकता है कि आपका वजन पहले से ही ज्यादा ना हो फिर भी आप मोटापे को लेकर बेहद परेशान हैं और आपने अपना खाना पीना भी काफी सीमित कर लिया है। आपको क्या लगता है, यह क्या हो सकता है?हो सकता है यह सिर्फ आपके जीवन शैली का एक बदलाव न हो बल्कि यह Anorexia Nervosa का एक गंभीर लक्षण हो। लगभग 1% युवा महिलाएं इस गंभीर समस्या से परेशान हैं।किसको इसका सबसे ज्यादा खतरा है?इससे संबंधित 80-90% मामले युवा लड़कियों (लगभग 15 वर्ष की आयु) में पाए जाते हैं। इस स्थिति के कारण काफी हद तक उनका वजन कम हो जाता है और उन्हें जल्द ही अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ जाती है। दुख की बात तो यह है कि Anorexia Nervosa में किसी भी और psychiatric disorder के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत्यु दर (death rate) है।युवाओं में क्या परिवर्तन देखने को मिलता है?युवा लड़कियां अक्सर कुछ खाने पीने की चीजों को या तो खाना कम कर देती हैं और या फिर छोड़ देती हैं जो वह आमतौर पर खाती रही हैं। वे स्कूल का टिफिन, घर में रात का खाना छोड़ देती हैं या फिर मिठाई और स्नेक्स जैसी चीजों से इनकार करने लगती हैं। वह चीनी और वसा को अपने आहार से निकाल देती हैं और बहुत अधिक शारीरिक गतिविधियां करने लगती हैं।Anorexia Nervosa के 6 गंभीर लक्षण:पीरियड्स न आनाडिप्रेशनक्रोध का दौरा पड़नाकंसंट्रेशन में कमीनींद ना आने की समस्याअसामाजिक हो जानाAnorexia Nervosa से क्या हो सकता है?यह बीमारी अक्सर कुछ और गंभीर बीमारियों को अपने साथ लेकर आती है जैसे कि obsessive compulsive disorder (OCD), substance use disorder और Anxiety disorders.Anorexia Nervosa को पकड़ में आने से ठीक होने तक आमतौर पर 5 6 साल लग सकते हैं।source: https://www.diva-portal.org/smash/get/diva2:559498/FULLTEXT02.pdf https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1857759/
अगर आप पूरा दिन सिर्फ खाने और खाने के बारे में ही सोचते हैं, तो हो सकता है कि आप Bullimia Nervosa के शिकार बन चुके हैं।Bullimia Nervosa जिसे Bullimia भी कहा जाता है, यह एक गंभीर eating disorder है। इसमें व्यक्ति पहले अत्यधिक मात्रा में खाता है और फिर सब कुछ उल्टी करके बाहर निकाल देता है।Bullimia Nervosa ज्यादातर किन में पाया जाता है?ज्यादातर यह Adolescent girls (किशोरियों) में देखा गया है।Bullimia Nervosa में क्या होता है?इसमें अक्सर 3 स्तर देखे गए हैं:स्तर 1: जब व्यक्ति अपने खाने की मात्रा पर नियंत्रण खो देता है और सामान्य से बहुत अधिक खाने लगता है।स्तर 2: जब व्यक्ति वजन बढ़ाने के डर से सब कुछ खाया हुआ उल्टी कर देता है।स्तर 3: जब व्यक्ति बहुत अधिक मात्रा में शारीरिक गतिविधि, उल्टियां या उपवास करने लगता है ताकि उसका वजन न बढ़ जाए।Bullimia Nervosa से क्या होता है?Bullimia Nervosa एक मानसिक problem है जो काफी परेशानियों का कारण बन सकता है, जैसे किSalivary glands और गालों में सूजनGERD: गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोगBarrett Esophagus, जिससे एसोफैगस कैंसर भी हो सकता हैखांसी, (hoarse) कर्कश आवाज और गले में खराशIrritable Bowel Syndromeकब्जदांतों की समस्याDiabetes (मधुमेह)अक्सर देखा जाता है कि Bullimia Nervosa से पीड़ित लोग ठीक हो जाते हैं। हमारा पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है: बहुत अधिक खाने और उल्टी कर देने के इस चक्र को रोकना।source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK562178/
आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में कुल बीमारियों का लगभग 56.4% हिस्सा अस्वास्थ्यकर आहार की वजह से है। वैसे तो हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि ऐसी दो चीज हैं जो दिल की बीमारी और ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम करता है साथ ही diabetes को लगभग 80% तक रोकने में मदद करता है।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के "My Plate" से हमें इसका उत्तर मिल गया है कि हमें पूरे दिन में क्या-क्या और कितना खाना चाहिए।चलिए एक बार पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं कि हम हर रोज क्या कहते हैं। क्या कोई एक ऐसा food group है जो हमारे रोज के खाने में सबसे ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होता है?जी हां, researches से भी यह साबित हो चुका है कि भारतीय आहार पूरी तरह से सिर्फ “Refined Cereals” पर आधारित है। जबकि हमारे आहार में सभी micronutrients से भरपूर चीजों पर भी हमें ध्यान देना चाहिए जैसे की साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स, सब्जियां और फल आदि।मुझे लगता है कि एक सवाल अभी भी हमारे मन में आ रहा है - हमें कितना खाना चाहिए?आइए इसे आईसीएमआर की My Plate से समझते हैं: हमारे रोज के आहार में, क्या कितना होना चाहिए:सब्जियाँ, फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, जड़ें और कंद: एक दिन में 500 ग्राम (आपके दैनिक आहार का 50% हिस्सा)1. दालें, अंडे और मांसयुक्त खाद्य पदार्थ: एक दिन में 85 ग्राम2.मेवे और बीज: प्रति दिन 35 ग्राम3.वसा और तेल: प्रति दिन 27 ग्राम4.अनाज और पोषक अनाज: प्रति दिन 250 ग्रामदूध: प्रतिदिन 300 मि.लीयाद रखें, यह केवल एक बार के भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि आपको एक दिन में क्या खाना चाहिए इसके बारे में है।इसलिए, हमारे खान-पान की आदतों में वास्तविक बदलाव की जरूरत है। पहले कदम के रूप में आइए हम फलों और सब्जियों पर अधिक ध्यान दें और अनाज में कटौती करें।किन चीजों से बचें:1. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड2. उच्च वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थकिन चीजों को कम से कम ले:1.चीनी2. खाना पकाने के लिए तेल3. बीच-बीच की स्नैकिंग4. पूरा जीवन स्वस्थ रहने के लिए इस स्वस्थ आहार का पालन करें।source:https://main.icmr.nic.in/sites/default/files/upload_documents/DGI_07th_May_2024_fin.pdf
मनु भाकर 2024 के ओलंपिक्स में 2 पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल खेल में अपना पहला कांस्य पदक जीता, जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम खेल में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता।मनु भाकर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी के लिए सुबह का नाश्ता छोड़ना एक सही विकल्प नहीं है। वह नाश्ते को वह फ्यूल (fuel) मानती हैं जो physically active रहने के लिए आवश्यक energy देता है।क्या सुबह का नाश्ता इन एथलीट्स का फिटनेस मंत्र है?केवल मनु भाकर ही नहीं, पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और साइना नेहवाल* जैसे एथलीट्स भी स्वस्थ नाश्ते को विशेष महत्व देते हैं।उन्हीं की तरह, लगभग 50% प्रतिभागी खेल में महिलाएं हैं और वह सभी अपनी फिटनेस को बनाए रखने के लिए एक सख्त दिनचर्या का पालन करती हैं। आईए जानते हैं कि वह सुबह के नाश्ते में क्या खाना पसंद करती हैं और क्या नहींवह अक्सर क्या खाना पसंद करती हैं?हमारे एथलीट्स फल, फलों का रस, उबली हुई सब्जियां, सभी उबली हुई सब्जियों का सूप, सूखे मेवे और दूध जैसी चीजें सुबह के नाश्ते में पसंद करते हैं। अगर मांसाहारी हैं तो वे नाश्ते में उबले अंडे या मांस भी पसंद करते हैं।वे जानते हैं कि सिर्फ फिटनेस ही नहीं बल्कि उन्हें complete health (समग्र स्वास्थ्य) के बारे में ध्यान देने की जरूरत है। वे antioxidants और anti inflammatory लाभों के लिए अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थ जैसे फलों का सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि भी शामिल करते हैं।क्या आप जानते हैं कि mild dehydration भी खेल को 30% तक ख़राब कर सकता है? इसीलिए hydrated रहना सबसे जरूरी है।एथलीट्स hydration पर विशेष ध्यान देते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यायाम के दौरान body से निकले हुए fluids को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल के बाद ढेर सारा पानी, फलों का रस, नारियल पानी और energy drinks का सेवन करते रहे।अपनी आत्मकथा, "Playing to Win” में साइना नेहवाल ने बताया है कि कैसे उनके कोच ने उन्हें अपना खेल अच्छा रखने के लिए hydration का महत्व समझाया है।मनु भाकर का कहना है कि "Recovery मेरी फिटनेस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, इसलिए मैं नींद और आहार दोनों को को बहुत महत्व देती हूं।"3 चीजें जो वे अपने आहार में खाने से परहेज करते हैं?मसालेदार भोजनतला हुआ और जंक फूडअधिक मात्रा में चीनी और घीहमारे एथलीट्स का कहना है कि हर रोज व्यायाम के साथ स्वस्थ आहार का पालन करने से उनकी एथलेटिक क्षमता अच्छी रहती है।खुद को फिट रखने के लिए इसी फिटनेस मंत्र का पालन करें। याद रखें कि आज से अपना सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें।Source:-1.https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3805623/2. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S27682765240050423. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8336541/
बारिश का मौसम काफी लोगों का पसंदीदा मौसम होता है। इस मौसम में लोग चाय के साथ गरमा गरम पकोड़े या समोसे का मज़ा लेते हैं, और मोमेंट्स क्रिएट करते हैं।पर क्या आपने कभी सोचा है कि ये साफ और साधारण दिखने वाला बारिश का पानी आपके या आपके बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है?बारिश देखते ही उसमें खेलना, स्विम करना या भीगने का मन करता है। और यही सुकून देने वाला बारिश का पानी जब इकट्ठा होने लगता है तो वॉटर लॉगिंग जैसी प्रॉब्लम्स होती हैं, जो कई सारे जानलेवा वायरस, बैक्टीरिया और परजीवी का घर बन जाती हैं।केरल में, 21 मई को 5 साल की बच्ची, और 25 जून को 13 साल की बच्ची के बाद, पिछले हफ्ते ही एक 14 साल के बच्चे की मौत हुई है। और इन सब का कारण है, एक बहुत ही रेयर ब्रेन इंफेक्शन “एमोएबिक मेनिनगोएन्सेफलाइटिस” जो Naegleria fowleri नाम के अमीबा से होता है। इसे “ब्रेन ईटिंग अमीबा” के नाम से भी जाना जाता है।Naegleria fowleri वॉर्म वॉटर रिसोर्सेस जैसे, तालाब, नदी, हॉटस्प्रिंग्स या स्विमिंग पूल्स में ग्रो करता है।मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये इंफेक्शन तब होता है, जब किसी भी इन्फेक्टेड वॉटर रिसोर्सेस के थ्रू Naegleria fowleri आपकी बॉडी में आपकी नाक के द्वारा एंटर करती है, और फिर आपकी नाक में रहे ओलफैक्टरी नर्व्स के थ्रू ब्रेन तक पहुँच जाता है और ब्रेन टिशूज को डेस्ट्रॉय कर देता है।लेकिन ये कंटैमिनेटेड पानी पीने से ये इंफेक्शन नहीं होता है और ना ही एक इंसान से दूसरे में फैलता है।और इस ब्रेन इंफेक्शन के मुख्य सिम्पटम्स हैं: बुखार, सिर दर्द, उल्टी आना, दौरे पड़ना, गर्दन का अकड़ना, और हेल्युसिनेशन्स हैं।अब सवाल आता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बच सकते हैं?इस इंफेक्शन का हाल में कोई इलाज नहीं है। डॉक्टर कुछ मेडिसिन्स जैसे एम्फोटेरिसिन बी, एज़िथ्रोमाइसिन, फ्लुकोनाज़ोल, रिफ़ाम्पिन, मिल्टेफोसिन, और डेक्सामेथासोन को मिक्स करके इस रेयर इंफेक्शन को मैनेज करते हैं।केरल के चीफ मिनिस्टर पिनाराई विजयन ने इस मामले के लिए एक मीटिंग भी की और सेंटर्स फॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के ये गाइडलाइन्स फॉलो करने को एडवाइस किया है।1. गर्मी के दिनों में नदी, तालाब या किसी भी स्विमिंग पूल में ना जाएं, क्योंकि ये अमीबा गर्म पानी में ग्रो करता है।2. जब भी आप पानी के अंदर जाएं तो अपनी नाक हाथ से बंद कर लें या फिर नोज़ क्लिप का इस्तेमाल करें।3. जब भी आप स्विम कर रहे हैं तो अपना सिर पानी के ऊपर रखने की कोशिश करें।4. पानी के नीचे रहे सिडिमेंट्स को डिस्टर्ब ना करें, क्योंकि ये अमीबा ज्यादातर पॉन्ड्स, लेक्स या रिवर्स के सिडिमेंट्स में पाए जाते हैं।5. और अगर आपको साइनसाइटिस है तो, पानी को 1 मिनट तक गर्म करें और उसे ठंडा होने दें, उसके बाद अपने साइनस को रिंस करें।Source:-1.https://www.mdpi.com/1660-4601/20/4/30212. https://www.cdc.gov/naegleria/about/index.html3. https://www.cdc.gov/naegleria/causes/index.html
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MBA (Pharmaceutical Management)













