इंटिमेट हाइजीन सेल्फ केयर का वह हिस्सा है, जिस पर महिलाएं अक्सर ध्यान तो देती हैं, लेकिन खुलकर बात कम ही करती हैं। इंटिमेट एरिया में थोड़ी सी भी परेशानी न सिर्फ शारीरिक असहजता पैदा करती है, बल्कि आत्मविश्वास, रोज़मर्रा की दिनचर्या और मानसिक सुकून पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में सही वैजाइनल हाइजीन वॉश का चुनाव बेहद ज़रूरी हो जाता है। आज के समय में कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिनवी वॉश ने इसलिए भरोसा बनाया है क्योंकि यह समस्या को छिपाने के बजाय शरीर के नैचुरल बैलेंस को बनाए रखने पर काम करता है।यह लेखवी वॉश के उपयोग, इसके वास्तविक फायदे, सही तरीके से इस्तेमाल और इंटिमेट हेल्थ को सपोर्ट करने के तरीके को विस्तार से समझाता है। भाषा को सरल, समझने योग्य और सम्मानजनक रखा गया है, ताकि जानकारी भरोसेमंद और उपयोगी लगे।इंटिमेट हाइजीन क्या है और यह क्यों ज़रूरी हैवैजाइनल एरिया स्वाभाविक रूप से खुद को साफ रखने की क्षमता रखता है। इसके बावजूद रोज़मर्रा की कुछ आदतें जैसे ज़्यादा पसीना आना, टाइट कपड़े पहनना, हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स,प्रेगनेंसी या हार्श साबुन का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल इसके नैचुरल वातावरण को बिगाड़ सकता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो खुजली, जलन, रूखापन या बदबू जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।वैजाइनल हाइजीन वॉश को खासतौर पर बाहरी इंटिमेट एरिया की जेंटल सफाई के लिए बनाया जाता है, ताकि उसका नैचुरल pH बना रहे। यही कारण है कि फेमिनिन वॉश के उपयोग उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं, जिन्हें बार-बार असहजता महसूस होती है।वी वॉश सामान्य साबुन से अलग क्यों हैसामान्य साबुन और बॉडी वॉश पूरे शरीर की त्वचा के लिए बनाए जाते हैं, इंटिमेट एरिया के लिए नहीं। ये अक्सर एल्कलाइन होते हैं, जिससे अच्छे बैक्टीरिया भी नष्ट हो सकते हैं। इसके विपरीत, वी वॉश को इस तरह तैयार किया गया है कि यह इंटिमेट एरिया के नैचुरल एसिडिक pH को सपोर्ट करे।महिलाएं वी वॉश को चुनने के मुख्य कारण• सेंसिटिव स्किन के लिए उपयुक्त• रोज़ाना इस्तेमाल में बिना जलन के आराम• रूखापन पैदा किए बिना जेंटल क्लींजिंग• pH बैलेंस वॉश की ज़रूरत को ध्यान में रखकर बनाया गयाइन खूबियों की वजह सेवी वॉश के उपयोग अलग-अलग उम्र की महिलाओं के लिए सुविधाजनक माने जाते हैं।रोज़मर्रा की ज़िंदगी में वी वॉश के उपयोगआइए जानते हैं वे स्थितियां, जहां वी वॉश इलाज नहीं, बल्कि एक सपोर्टिव इंटिमेट हाइजीन प्रोडक्ट के रूप में मदद करता है।1. रोज़ाना इंटिमेट हाइजीन के लिएदिनभर पसीना, नमी और बैक्टीरिया इंटिमेट एरिया में जमा हो सकते हैं। केवल पानी से सफाई कई बार पर्याप्त नहीं लगती, जबकि हार्श साबुन रूखापन और जलन बढ़ा सकते हैं।वी वॉश रोज़ाना इंटिमेट हाइजीन में मदद करता है और त्वचा को साफ, फ्रेश और आरामदायक बनाए रखता है।2. हल्की खुजली में राहत के लिएपसीना, टाइट कपड़े या हार्मोनल बदलाव की वजह से हल्की खुजली हो सकती है। लगातार या तेज़ खुजली होने पर डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है, लेकिन रोज़मर्रा की हल्की परेशानी में एक जेंटल इंटिमेट इचिंग रिलीफ वॉश सहायक हो सकता है।वी वॉश सेंसिटिव स्किन को नुकसान पहुंचाए बिना साफ करता है और हल्की जलन को शांत करने में मदद करता है।3. वैजाइनल बदबू को मैनेज करने मेंलंबे समय तक बाहर रहने, यात्रा या ज़्यादा पसीना आने पर बदबू की समस्या आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है। वैजाइनल ओडर मैनेजमेंट का मतलब खुशबू छुपाना नहीं, बल्कि सफाई और बैलेंस बनाए रखना है।वी वॉश के उपयोग में इसका एक अहम पहलू है, क्योंकि यह नैचुरल बैलेंस को सपोर्ट कर बदबू को कंट्रोल करने में मदद करता है।4. पीरियड्स के दौरान सपोर्टपीरियड्स के समय नमी और ब्लड के कारण असहजता बढ़ सकती है। इस दौरान नहाते समय बाहरी इंटिमेट एरिया की जेंटल सफाई से बेहतर महसूस होता है।वी वॉश पीरियड्स के दौरान रोज़मर्रा की हाइजीन रूटीन का हिस्सा बन सकता है।5. प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद देखभालप्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव इंटिमेट एरिया को ज़्यादा सेंसिटिव बना सकते हैं। कई डॉक्टर इस समय हार्श प्रोडक्ट्स से बचने की सलाह देते हैं।वी वॉश के उपयोग इस चरण में भी देखे जाते हैं, लेकिन किसी भी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी होती है।इंटिमेट वॉश के फायदे जो वास्तव में मायने रखते हैंइंटिमेट वॉश के फायदों की बात करते समय मार्केटिंग दावों और वास्तविक अनुभव में फर्क समझना ज़रूरी है।महिलाओं द्वारा महसूस किए जाने वाले आम फायदे• लंबे समय तक फ्रेश महसूस होना• पसीने और रगड़ से होने वाली जलन में कमी• टाइट कपड़े पहनते समय बेहतर आराम• सामाजिक और प्रोफेशनल माहौल में आत्मविश्वासये फायदे सही तरीके और सीमित उपयोग से ही मिलते हैं।वी वॉश इस्तेमाल करने का सही तरीकावी वॉश का सही इस्तेमाल जानना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि गलत तरीके से उपयोग करने पर इसका उद्देश्य पूरा नहीं होता।सही तरीका• हाथ अच्छी तरह धोएं• हथेली पर थोड़ी मात्रा लें• केवल बाहरी इंटिमेट एरिया पर हल्के हाथ से लगाएं• साफ पानी से अच्छी तरह धो लें• मुलायम तौलिए से हल्के से पोंछकर सुखाएंध्यान रखें, वी वॉश केवल बाहरी उपयोग के लिए है।कितनी बार इस्तेमाल करना सुरक्षित हैअक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि वैजाइनल हाइजीन वॉश कितनी बार इस्तेमाल करना चाहिए।• दिन में एक बार आमतौर पर पर्याप्त होता है• पीरियड्स या ज़्यादा पसीने में दिन में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है• बिना डॉक्टर की सलाह के ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल न करेंवी वॉश के उपयोग में संतुलन बनाए रखना सबसे ज़रूरी है।pH बैलेंस क्यों ज़रूरी हैइंटिमेट एरिया का नैचुरल pH उसे हानिकारक बैक्टीरिया से बचाता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो संक्रमण और असहजता का खतरा बढ़ जाता है।pH बैलेंस वॉश के रूप में वी वॉश इस नैचुरल सुरक्षा को सपोर्ट करता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।अलग-अलग उम्र में फेमिनिन वॉश के उपयोगफेमिनिन वॉश के उपयोग किसी एक उम्र तक सीमित नहीं हैं।• युवा महिलाएं खेल या एक्टिव लाइफस्टाइल के कारण• वर्किंग महिलाएं लंबे ऑफिस आवर्स के दौरान• नई मांएं डिलीवरी के बाद जेंटल केयर के लिए• उम्रदराज़ महिलाएं रूखापन और असहजता में राहत के लिएइसी वजह सेवी वॉश के उपयोग आज अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं।वैजाइनल हाइजीन वॉश से जुड़े आम मिथककई गलतफहमियां हैं, जिन्हें समझना ज़रूरी है।• ज़्यादा इस्तेमाल फायदेमंद नहीं होता• वैजाइनल वॉश इंफेक्शन का इलाज नहीं है• यह डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है• इसका इस्तेमाल अंदरूनी सफाई के लिए नहीं किया जाताइन बातों को समझना सुरक्षित उपयोग के लिए ज़रूरी है।सही इंटिमेट हाइजीन रूटीन कैसे बनाएंएक संतुलित रूटीन में शामिल होना चाहिए• खुशबूदार स्प्रे से परहेज़• जेंटल सफाई की आदत• कॉटन अंडरवियर का इस्तेमाल• भरोसेमंदवैजाइनल हाइजीन वॉशवी वॉश इस रूटीन का एक सपोर्टिव हिस्सा है, न कि हर समस्या का समाधान।किन बातों में सावधानी ज़रूरी हैहालांकिवी वॉश के उपयोग सामान्य रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन!इन लक्षणों में सावधानी ज़रूरी है।• दर्द या लालिमा बढ़ना• असामान्य डिस्चार्ज• लगातार जलन या खुजलीऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।निष्कर्षइंटिमेट केयर डर या झिझक का विषय नहीं है। यह आराम, समझदारी और सही चुनाव से जुड़ा हुआ है।वी वॉश के उपयोग को समझकर महिलाएं बिना ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर हुए, सही फैसले ले सकती हैं।सही तरीके से इस्तेमाल करने पर वी वॉश रोज़ाना इंटिमेट हाइजीन में फ्रेशनेस, आराम और आत्मविश्वास को सपोर्ट करता है। जब इसे अच्छी आदतों और ज़रूरत पड़ने पर मेडिकल सलाह के साथ जोड़ा जाता है, तो यह रोज़मर्रा की इंटिमेट केयर में एक भरोसेमंद साथी बन सकता है। विस्तृत जानकारी के लिएMedWiki देखें|अक्सर पूछे जाने वाले सवाल1. क्या वी वॉश रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है?हां, बाहरी उपयोग और सीमित मात्रा में यह आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।2. क्या वी वॉश खुजली में मदद करता है?हल्की खुजली में यह इंटिमेट इचिंग रिलीफ वॉश के रूप में सहायक हो सकता है।3. क्या वी वॉश वैजाइनल बदबू पूरी तरह खत्म करता है?यह सफाई और बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन इंफेक्शन का इलाज नहीं करता।4. क्या प्रेगनेंसी में वी वॉश इस्तेमाल किया जा सकता है?कई महिलाएं इसका इस्तेमाल करती हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।5. क्या यह सेंसिटिव स्किन के लिए ठीक है?हां, इसे जेंटल वैजाइनल हाइजीन वॉश के रूप में बनाया गया है।6. क्या किशोरियां वी वॉश इस्तेमाल कर सकती हैं?प्यूबर्टी के बाद बेसिक फेमिनिन हाइजीन के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।7. क्या वी वॉश अंदरूनी इस्तेमाल के लिए है?नहीं, वी वॉश केवल बाहरी उपयोग के लिए है।
कभी-कभी females को private जगहों पर जलन, खुजली, सूजन या white discharge होने लगता है। इसके कई कारण होते हैं, लेकिन एक आम कारण है, vaginitis।सबसे पहले समझते हैं कि Vaginitis आख़िर होता क्या है?Vaginitis का मतलब है, females के vagina के अंदर infection होना। इससे vagina में जलन या सूजन भी हो सकती है। अगर यह समस्या vagina के सिर्फ अंदर ही नहीं, बल्कि vagina के बाहरी हिस्से vulva) में भी हो रही है, तो इसे vulvoaginitis कहते हैं!अब भी Vaginitis को लेकर सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं verified sources से भरोसेमंद जवाबअब जानते है कि Vaginitis होने के कारण क्या होते हैं?Vaginitis होने के कुछ मुख्य कारण हैं -Bacteria, yeast (fungus) या virus से infection हो जाना!Gardnerella vaginalis और Mycoplasma hominis जैसे bacteria से vaginitis होता है!Candida albicans नाम का एक yeast भी vaginitis का एक आम कारण है।Herpes Simplex Virus (HSV) और Human Papillomavirus (HPV) के वजह से vaginal infection होने का खतरा रहता है।हानिकारक chemicals से बने साबुन, sprays, detergents, scented products और tight कपड़े पहनने से। इसलिए उन चीज़ों का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें जिसमें Parabens, Phthalates, Triclosan, Sulfates (SLS/SLES), Artificial Fragrances और Propylene Glycol जैसे chemicals मौजूद हों!शरीर में कोई hormonal imbalance हो जाएं, जैसे estrogen hormone का कम हो जाना!अब समझते हैं कि Vaginitis के कितने प्रकार होते हैं?Vaginitis के कुछ आम प्रकार -1. Bacterial Vaginosis (BV) - Females के vagina में बहुत सारे अच्छे और बुरे bacterias होते हैं। जब इनका balance बिगड़ जाता है और कोई एक bacteria बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो इससे Bacterial Vaginosis हो सकता है।2. Yeast Infection (Candida Infection) - Females के vagina में एक खास तरह का fungus होता है, जिसे candida कहते हैं। यह आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन जब यह ज्यादा बढ़ जाता है, तो खुजली, जलन और white discharge हो सकता है।3. Trichomoniasis - यह एक parasite से फैलने वाला infection है, जो sexual transmission से फैलता है। इसके लक्षण होते है झागदार, पीला-हरा discharge और vagina में जलन।4. Viral Vaginitis - कुछ virus, जैसे herpes या Human Papillomavirus (HPV), से vaginal infection हो सकता है। ये virus sexual transmission से फैलते हैं, जिसके कारण vagina में दर्दनाक छाले भी हो सकते हैं!5. Non-infectious Vaginitis - यह तब होता है जब vagina में किसी chemical, साबुन, detergent, या दूसरी हानिकारक चीजों के कारण जलन होने लगती है!6. Vaginal Atrophy - जब शरीर में estrogen hormone कम हो जाता है, तो vagina की skin पतली और sensitive हो जाती है। Females को यह समस्या menopause के बाद या ovaries removal surgery के बाद ज्यादा हो सकती है ।अब जानते हैं कि Vaginitis होने के लक्षण क्या होते हैं?Vaginitis होने के कुछ आम लक्षण हैं-Vagina से निकलने वाले discharge का रंग, smell या quantity का बदल जाना।खुजली, जलन, सूजन या दर्द।पेशाब करते समय जलन।Sex के दौरान दर्द।कभी-कभी हल्का बुखार या पेट के निचले हिस्से में दर्द।अब सवाल ये उठता है कि Doctor के पास कब जाना चाहिए?अगर आपको ये लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो doctor से ज़रूर consult करें।Vaginal Discharge का रंग या smell normal से अलग लगे।Vagina में खुजली या जलन ज्यादा हो।Sex के दौरान दर्द हो रहा हो।Source:- 1. https://www.nhsinform.scot/illnesses-and-conditions/sexual-and-reproductive/bacterial-vaginosis/2. https://www.nhs.uk/conditions/vaginitis/3. https://www.bupa.co.uk/health-information/womens-health/vaginal-infections4. https://www.nhs.uk/conditions/bacterial-vaginosis/5. https://www.nhs.uk/conditions/vaginal-discharge/
Vaginal gas, जिसे vaginal flatus या queefing भी कहा जाता है, तब होती है जब हवा vagina में फंस जाती है और फिर बाद में निकलती है, जिसकी वजह से gas pass करने की आवाज आती है। यह एक आम स्थिति है और आमतौर पर इससे health को कोई risk नहीं होता, लेकिन यह embarrassment का कारण बन सकता है और quality of life पर असर डालता है।Vaginal gas को लेकर अभी भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं trusted और verified sources से सही जानकारी।Vaginal gas के कारणVaginal gas होने के कई natural कारण होते हैं, जैसे:Menstrual products का इस्तेमाल: जब भी कोई वस्तु जैसे tampon, menstrual cup या स्त्री रोग परीक्षा (gynaecological tests) के दौरान speculum को vagina में डाला जाए तो हवा अंदर फंस सकती है, जो कि बाद में निकलती है।यौन गतिविधि (Sexual Activity): Sex के दौरान, vagina expand और contract होता है जिसकी वजह से हवा अंदर trap हो जाती है और फिर बाद में निकलती है। यही हवा जब बाहर निकलती है तो gas pass होने की आवाज़ आती है।Stretching Exercises: योग और बाकी कुछ exercises जिनसे pelvic area stretch हो सकते हैं, उनसे हवा अंदर फस जाती है और pose बदलने से फिर यह फंसी हुई हवा निकल सकती है।Pelvic Floor की conditions: Delivery, बहुत ज़्यादा वज़न या उम्र के कारण ****कई बार pelvic muscles कमज़ोर हो जाती हैं जिससे vaginal gas का ख़तरा बढ़ सकता है।Prevention और Managementज़्यादातर मामलों में, vaginal gas को रोकने के लिए कुछ भी करने की कोई जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसकी वजह से health को कोई risk नहीं होता है और ना ही इससे कोई दर्द महसूस होता है। लेकिन अगर आप कुछ solution ढूंढ रहे हैं तो ये कुछ तरीके try कर सकते हैं।Squatting: पेशाब करते समय squatting करने से फंसी हुई हवा निकालने में मदद मिल सकती है।Relaxing Techniques: यदि तनाव के कारण गैस हो रही है, तो गहरी सांस लेने और विश्राम करने से मदद मिल सकती है।कुछ गतिविधियों से बचें: यौन गतिविधियों (sexual activity) और शारीरिक व्यायाम से बचने से vaginal gas की problem कम हो सकती है। Tampons और Menstrual Cup की बजाये pads के use से भी मदद मिल सकती है।Kegel Exercise: Kegel Exercise के माध्यम से pelvic muscles को मजबूत किया जा सकता है जिससे vaginal gas की संभावना कम हो सकती है।डॉक्टर से कब मिलेंकुछ मामलों में, vaginal gas एक बहुत गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। अगर आपको vaginal gas के साथ इन में कोई समस्या हो रही हो तो आप डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें:दर्द या कोई असुविधाअसामान्य discharge leakageकिसी प्रकार की smellखून निकलना या सूजन हो जानाअगर vaginal gas काफी बार हो, जिसका कोई भी साधारण कारण न हो जैसे कि यौन गतिविधि या फिर Stretching Exercises, तो डॉक्टर से सलाह लेना ना भूलें।याद रखें, vaginal gas शर्मिंदगी का कारण हो सकती है, लेकिन यह आमतौर पर एक natural स्थिति है जिससे कोई भी नुकसान नहीं होता।Source:- https://www.medicalnewstoday.com/articles/319558#contacting-a-doctor
Period pains सभी महिलाओं के लिए एक common problem है जो उनके रोज़मर्रा के काम करना भी मुश्किल कर देता है।आज हम आपको बताने वाले कुछ आसान और असरदार घरेलू उपाय, जो आपको period pain से राहत दिलाने में मदद करेंगी।1. गर्म पानी से नहाना। गर्म पानी से हमारी muscles की जकड़न कम होती है और body को relaxed feel होता है। साथ ही गर्म पानी blood circulation को भी बेहतर बनाता है, जिससे पेट और कमर का दर्द धीरे-धीरे कम हो जाता है। अगली बार जब भी आपको period pain हो, तो आप ये hot shower ज़रूर try करें।2. गर्म पानी की बोतल या heating pad से सिकाई करना। Heating pad को हल्के तौलिये में लपेटकर अपने पेट पर रखें। Heating pad की गर्मी से muscles relax होती हैं, जिसके कारण period cramps धीरे-धीरे कम होने लगते है। तो ये easy trick ज़रूर अपनाएँ!3. अगर दर्द ज़्यादा हो रहा है, तो हल्की मालिश भी मददगार हो सकती है। मालिश करने से शरीर में endorphin नाम का hormone release होता है, जो एक natural painkiller की तरह काम करता है! यह आपके stress को कम करके आपको आराम दिलाता है। तो अगली बार, periods के दौरान हल्की मालिश करना ना भूलें।4. exercise! Yoga, walking, cycling, या swimming करने से blood circulation बेहतर होता है और period pain कम होता है। साथ ही, exercise करने से endorphin release होता है, जिससे periods के दौरान आपका mood भी अच्छा रहता है।अगर दर्द बहुत ज़्यादा हो, तो doctor से consult करके आप paracetamol या ibuprofen जैसी दवाएं भी ले सकते हैं। ये दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती हैं। ये दवाएं आपके शरीर के उन chemicals को भी कम करती हैं, जो दर्द और ऐंठन का कारण बनते हैं।इन tips को try करें और किस tip से आपको सबसे ज्यादा आराम मिला है ये हमें comments में ज़रूर बताएँ।Source:- 1. https://www.nhs.uk/conditions/period-pain/2. https://www.nhs.uk/conditions/periods/period-problems/3. https://www.bupa.co.uk/newsroom/ourviews/natural-remedies-period-pain4. https://www.webmd.com/women/menstrual-pain5. https://www.webmd.com/women/ss/slideshow-get-rid-of-cramps
हमारे पिछले वीडियो में हमने Dyslexia के बारे में बात की थी: Dyslexia क्या है, यह कैसे होता है और यह कितना खतरनाक हो सकता है। आज के वीडियो में हम बात करेंगे की Dyslexia को कैसे diagnose किया जा सकता है। Dyslexia से जूझ रहे लोग अक्सर अपनी परेशानी को manage करने के तरीके खोज लेते हैं, इसलिए वो किस परेशानी से जूझ रहे हैं ये कई बार लोग समझ ही नहीं पाते हैं। किसी से भी share न करना शर्मिंदगी से तो बचा सकता है, लेकिन लोगों से बात करके सही मदद मिल जाने पर स्कूल का सफर और पढ़ाई करना आसान हो सकता है।Dyslexia का पता ज़्यादातर तो बचपन में ही लग जाता है लेकिन कई बार Adolescence और adulthood में भी dyslexia का diagnose होता हैं।किसी को adolescent age में Dyslexia है या नहीं, इसका पता इन कुछ लक्षणों से लगाया जा सकता है:समझदार होने के बावजूद भी सही से ना पढ़ (read) पानाSpelling एंड writing skills का कमजोर होनासमय पर assignments और tests ख़त्म ना कर पानाचीजों का सही नाम न याद रख पानाLists और phone numbers याद न रख पानादाएं - बाएं याद रखने में या नक्शा पढ़ने में मुश्किल होनाविदेशी भाषा समझने में परेशानीइनमें से किसी भी एक लक्षण के होने से यह नहीं पता लग सकता की व्यक्ति को Dyslexia की problem है। लेकिन अगर एक व्यक्ति में इनमें से कुछ लक्षण दिखते हैं तो उसका Dyslexia का test करवा लेना चाहिए।स्कूल में या community में कोई psychologist या reading specialist इस condition को evaluate करके formally Dyslexia का पता लगा सकता है।जितनी छोटी उम्र में Dyslexia का पता लग सके उतना ही अच्छा है।Source:-1. https://www.nhs.uk/conditions/menopause/2. https://www.cuh.nhs.uk/rosie-hospital/menopause-and-perimenopause/signs-and-symptoms/3. https://www.nhs.uk/conditions/menopause/symptoms/4. https://www.webmd.com/menopause/guide-perimenopause5. https://www.webmd.com/menopause/ss/slideshow-signs-perimenopause
क्या आपके periods irregular हो रहे हैं? क्या आपको कभी-कभी mood swings होते हैं?अगर हाँ, तो हो सकता है कि आप Perimenopause के दौर से गुजर रहे हो!Perimenopause होता क्या है?सीधे शब्दों में कहें, तो यह वह समय होता है जब आपका शरीर menopause की ओर बढ़ने लगता है। इस दौरान, आपकी ovaries (अंडाशय) estrogen और progesterone hormones को बनाना कम कर देती हैं।इसका असर सबसे पहले आपके periods (मासिक धर्म) पर पड़ता है। Perimenopause की वजह से periods कभी जल्दी आ जाते हैं, कभी देर से आते हैं, तो कभी अचानक ही बंद हो जाते हैं!Perimenopause को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।Perimenopause कब शुरू होता है?अधिकतर महिलाओं में Perimenopause 40 की उम्र के आसपास शुरू होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह 30 साल की उम्र में भी शुरू हो सकता है और कुछ में 50 के बाद।एक बहुत बड़ा सवाल जो अक्सर महिलाओं के मन में आता है कि - क्या Perimenopause के दौरान Pregnancy Possible है?जवाब है – हाँ! जब तक आपके periods पूरी तरह से बंद नहीं होते, तब तक pregnant होना possible है।Perimenopause के लक्षण क्या होते हैं?Perimenopause के दौरान आपके शरीर में कई बदलाव हो सकते हैं, जैसे -Periods का irregular हो जाना।कभी ज्यादा तो कभी बहुत कम bleeding होना।Mood swings – कभी बहुत खुश तो कभी बहुत उदास महसूस करना।Hot flashes यानी अचानक गर्मी महसूस करना।रात में पसीना आना।Vagina में सूखापन (dryness) होना।बार-बार पेशाब (urine) करने की इच्छा होना।नींद न आना या बहुत थकान महसूस करना।Perimenopause के समय शरीर में हो रहे बदलावों का असर mental health पर भी पड़ सकता है।कई महिलाएं चिंता, घबराहट और depression महसूस कर सकती हैं।कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना भी आम बात है।अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है, तो अपने परिवार वालों से इस बारे में बात करें और जरूरत पड़े तो doctor की सलाह भी लें।Source:- 1. https://www.nhs.uk/conditions/menopause/2. https://www.cuh.nhs.uk/rosie-hospital/menopause-and-perimenopause/signs-and-symptoms/3. https://www.nhs.uk/conditions/menopause/symptoms/4. https://www.webmd.com/menopause/guide-perimenopause5. https://www.webmd.com/menopause/ss/slideshow-signs-perimenopause
5 ऐसे foods के बारे में, जो periods के दौरान होने वाली तकलीफ़ों को कम कर सकते हैं।1.अदरक! अदरक में gingerol नाम का compound होता है, जिसमें anti-inflammatory properties होती है। ये period pain को कम करने में मदद करता है और शरीर की थकान को भी दूर करता है। इसलिए अगर आपको period cramps हो रहे हैं, तो अदरक की चाय या उसका टुकड़ा पानी में उबालकर ज़रूर पिएँ।2. हल्दी! इसमें curcumin नाम का एक compound होता है, जो शरीर की सूजन को कम करता है और blood flow को भी improve करता है। हल्दी वाला दूध पीने से आपको period pain में काफ़ी आराम मिल सकता है। अगर आपको हल्दी वाला दूध पसंद नहीं है, तो आप हल्दी को गर्म पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं!3. गुड़ के बारे में! Periods के दौरान शरीर में iron की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होती है। गुड़ iron का एक बेहतरीन source है, जो आपके शरीर में haemoglobin बढ़ाता है और आपको energy देता है। इसलिए गुड़ का एक छोटा टुकड़ा रोज़ खाएं।अगर आपको periods के दौरान बहुत सुस्ती और सिरदर्द होता है, तो4. coffee ज़रूर try करें! इसमें caffeine नाम का एक organic compound होता है, जो आपको active रखता है और सिरदर्द को कम करता है। लेकिन बहुत ज्यादा coffee भी ना पिएं, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है!5. आंवला में Vitamin C, iron और antioxidants होते हैं, जो शरीर की सूजन और खून की कमी को कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद flavonoids और tannins मांसपेशियों को आराम देकर ऐंठन (cramps) भी कम करते हैं। आप इसे कच्चा, जूस या आंवला पाउडर के रूप में खा सकते हैं।Source:- 1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8021506/2. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10935160/3. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29526236/4. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4962155/5. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/37373663/
Vagina से White discharge या सफेद पानी आजकल औरतों में एक आम समस्या बन गई है। यह hormonal changes, infections, या किसी और health issue की वजह से हो सकता है।सफ़ेद पानी को लेकर अब भी सवाल हैं? Ask Medwiki पर पाएं भरोसेमंद और verified sources से सही जानकारी।सफ़ेद पानी से छुटकारा पाने के 4 आसान तरीके:Cotton के थोड़े ढीले underwears पहनें। ज़्यादा Tight underwear पहनने से शरीर में गर्मी और नमी trap हो जाती है, जिसकी वजह से vagina में bacteria और yeast पैदा हो सकता है, और white discharge की problem बढ़ सकती है। Cotton का fabric, vagina के आस पास के area को dry रखने और air circulation में मदद करता है।Hygiene maintain करें। अपने vaginal area को हर दिन पानी से धोएं। ध्यान रखें कि vagina के अंदर कोई भी साबुन, deodorants या sprays का इस्तेमाल ना करें, क्योंकि साबुन के chemicals vagina को irritate कर सकते है और white discharge का कारण भी बन सकते है।ऐसी vaginal creams/gels use करें जिनमें curcumin या aloe vera होता है क्योंकि हल्दी में मौजूद curcumin नाम के compound और aloe vera में anti-inflammatory और antifungal properties होती है जो उन infections से लड़ती है जिनकी वजह से white discharge हो सकता है।Sex करते वक्त हमेशा condom का इस्तेमाल करें। Condoms STIs यानी sexually transmitted infections से बचाता है जो white discharge का कारण बन सकते हैं। Sexually transmitted infections की regular screening करवाना भी white discharge से बचने में मददगार हो सकता है।इन simple tips को follow करें और अपनी white discharge की समस्या से छुटकारा पाएं।Source:- 1. https://www.webmd.com/women/vaginal-discharge-whats-abnormal2. https://my.clevelandclinic.org/health/symptoms/4719-vaginal-discharge3. https://www.nhs.uk/conditions/vaginal-discharge/4. https://www.nhs.uk/conditions/vaginitis/5. https://www.nhsinform.scot/illnesses-and-conditions/sexual-and-reproductive/vaginal-discharge/
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